सोमवार 19 जनवरी 2026 - 18:02
क्रांति की असल और आधार इस्लाम है, इसकी स्थापना के लिए इमाम ख़ुमैनी (र) ने जिद्दो जहद  की

हौज़ा आयतुल्लाह नासेरी ने ईरान के शहर यज़्द मे व्यापारियो और दुकानदार वर्ग के प्रतिनिध मंडल से मुलाकात के दौरान इस्लामी क्रांति के सिद्धांतो और पाएदारी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहाः व्यापारी और दुकानदार वर्ग अतीत की तरह आज भी इस्लामी क्रांति के मूलभूत समर्थक शुमार होते है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के यज़्द राज्य मे सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि आयतुल्लाह नासेरी ने यज़्द शहर मे व्यापारियो और दुकानदार वर्ग के प्रतिनिध मंडल से मुलाकात के दौरान इस्लामी क्रांति के सिद्धांतो और पाएदारी की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहाः मार्किट और बाज़ार किसी भी निज़ाम और नज़रयात का सहारा बनता है।

मार्किट और बाज़ार किसी भी निज़ाम और नज़रयात का सहारा बनता है।

उन्होने आगे कहाः इस्लामी गणतंत्र ईरान के व्यापारी और दुकानदार वर्ग अतीत की तरह आज भी इस्लामी क्रांति के मूलभूत समर्थक शुमार होते है और इस्लामी निज़ाम के नजरयात पर दृढ़ता से बने हुए है।

आयतुल्लाह नासेरी ने कहाः ज्ञात रहे कि क्रांति की असल और आधार इस्लाम है। यही वह उद्देशय है जिसकी स्थापना के लिए इमाम खुमैनी (र) ने जिद्दो जहद की और लोगो से इस इस्लामी निज़ाम की स्थापना के लिए अपने प्राणो की आहूती दी।

उन्होने क्रांति के दौरान व्यापारीयो की भूमीका की सहारना करते हुए कहाः ताग़ूत ने जमाने मे पहलवी जबर के सामने व्यापीरी अतयंत सरगरम रहे, जेलो मे उत्पीड़न किया जा रहा था और आज तक इस्लामी क्रांति के साथ खड़े है।

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